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महबूब अंतर्राष्ट्रीयकाव्यप्रतियोगिता आबाद हवा का झोंका मुट्ठी में सिमटी है जो तकदीरें हमारी अरसे से अरसे खुशियों हाथों की लकीरों को तेरे नाम किये जा रही हूँ । हिंदी कविता खत लम्हे प्रेम शिकायत पक्षी उड़ती पतंग हिन्दीकविता hindikavita 52weekswritingchallenge रूमानी पल बरसात

Hindi लंबे अरसे Poems